मेरे लिंग के चारो ओर सफेद रंग के दाने पड़ गये हैं।

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मैं 21 साल का हूं। मेरे पेनिस के चारो ओर सफेद रंग के दाने पड़ गये हैं। मैंने बहुत दवाएं कीं लेकिन कुछ दिनों के लिए ठीक होकर यह फिर उभर आते हैं। क्‍या ऐसी कोई दवा है जिससे यह तकलीफ हमेशा के लिए खत्‍म हो जाए।     – राजीव सेठ, राजस्थान

आपको कोई संक्रमण या एलर्जी है। एलोपैथिक दवाओं से कुछ समय के लिए तो राहत हो जाती है लेकिन बाद में फिर हो तकलीफ हो जाती है। आप किसी अच्‍छे होम्‍योपैथिक चिकित्‍सक से परामर्श करें। इलाज में कुछ वक्‍त लगेगा लेकिन यह जड़ से समाप्‍त हो जाएगी।

जननांगों पर मस्से होने का कारण ह्यूमन पैपीलोमावारस (एचपीवी) है। यह पूरे विश्व में सबसे आम पाया जाने वाला यौनसंचारित रोग है।

आपके जननांगों (लिंग, योनि या गुदा) पर एचपीवी संक्रमण हो सकता है, इसके साथ-साथ यह आपके मुंह के अंदर और गले में भी हो सकता है।

एचपीवी से संक्रमित अधिकांश लोगों को इसका पता नहीं चलता क्योंकि उन्हें मस्से या दाने होने का पता नहीं होता। फिर भी संक्रमित व्यक्ति से यह दूसरों को लग सकता है।

जननांग पर हुए मस्सों का कोई इलाज नहीं है। या तो वे अपने-आप ठीक हो जाते हैं अथवा इन्हें दबाने के लिए आपको उपाय तलाशने होते हैं।

जननांग पर मस्से कैसे होते हैं?

असुरक्षित मुख, यौन और गुदा मैथुन करने से आपको जननांग पर मस्से हो सकते हैं। साथ ही यह विषाणु किसी ऐसे व्यक्ति के सेक्स ट्वाय का प्रयोग करने से भी आपको हो सकता है, जिसके जननांग पर मस्से तो नहीं हैं किंतु वह ह्यूमन पैपीलोमावायरस से संक्रमित है।

साथ-साथ नहाने, एक ही तौलिया, प्याले या चम्मच, कांटे आदि का प्रयोग करने से यह आपको नहीं लगता हैं, न तो यह तरण ताल (स्वीमिंग पूल) में तैरने या टॉयलेट सीट का प्रयोग करने से होता है।

जननांग पर होने वाले मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) से आप कैसे बच सकते हैं?

जननांग पर होने वाले मस्सों से बचने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

1. टीके लगवाएं
2. जेनिटल वार्ट्स, जिस विषाणु, ह्यूमन पैपीलोमावारस (एचपीवी) के कारण होता है, उससे प्रतिरक्षा के लिए टीके उपलब्ध हैं।

ऐसे 40 प्रकार के एचपीवी जिनके कारण जेनिटल वार्ट्स होते हैं, इनमें से केवल 4 सबसे आम एचपीवी के खिलाफ ये टीके सुरक्षा प्रदान करते हैं। महिलाओं और लड़कियों के लिए दो टीके – सर्वारिक्स और गार्डासिल, उपलब्ध हैं। गार्डासिल सभी चार प्रकार के एचपीवी से सुरक्षा प्रदान करता है, इसकी तुलना में सर्वारिक्स केवल दो प्रकार के एचपीवी से सुरक्षा प्रदान करता है। पुरुषों और लड़कों के लिए केवल गार्डासिल उपलब्ध है। लड़कियां एवं लड़के दोनों ही इन टीकों को 9 से 26 वर्ष की उम्र के बीच लगवा सकते हैं।

3. हमेशा कंडोम का प्रयोग करें।

कंडोम का प्रयोग करने से आपको जेनिटल वार्ट्स होने या उनके फैलाने का जोखिम कम हो सकता है। हालांकि उनसे पूरी तरह जोखिम खत्म नहीं होता, क्योंकि जेनिटल वार्ट्स उन जगहों पर भी हो सकते हैं जो कंडोम से नहीं ढकी होती हैं।

4. कम साथियों के साथ यौन संबंध बनाएं।
आपको जेनिटल वार्ट्स होने का जोखिम उतना ही बढ़ता जाता है, जितने अधिक आपके यौन संबंध बनाने वाले साथी होते हैं- यौन संबंध बनाने वाले साथियों की संख्या के साथ-साथ यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपके पूरे जीवन काल में आपके कितने यौन संबंध बनाने वाले साथी रहे हैं।

जननांग पर होने वाले मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) के लक्षण क्या हैं?

यदि आपको जेनिटल वार्ट्स हुए हैं तो वे अकेले या फूलगोभी के आकार वाले गुच्छों में हो सकते हैं।
जेनिटल वार्ट्स अक्सर आपकी चमड़ी के रंग के ही होते हैं। उनमें खुजली हो सकती है अथवा वे बिना दर्द वाले हो सकते हैं। महिलाओं में वार्ट्स आपकी योनि के ऊपरी हिस्से (भगोष्ठ) पर, योनि के अंदर, गर्भग्रीवा (सर्विक्स) और गुदा पर हो सकते हैं। यदि आपकी योनि के अंदर जेनिटल वार्ट्स हुए हैं, तो आपको सेक्स करते समय या मासिक के दौरान तकलीफ हो सकती है। अन्यथा आपको उनका पता नहीं चलता।

जननांग

ध्यान रहे, यदि आपको जेनिटल वार्ट्स हुए हैं, तो वह दिखाए गए चित्र से बिलकुल अलग भी दिख सकते हैं! कभी-कभार कुछ भी नज़र नहीं आता। यदि आपको कोई षंका है, तो डॉक्टर के पास या क्लीनिक जाएं।
पुरुषों में जेनिटल वार्ट्स, लिंग, अंडकोश की थैली, जांघों या गुदा के आस-पास हो सकते हैं।

ध्यान रहे, यदि आपको जेनिटल वार्ट्स हुए हैं, तो वह दिखाए गए चित्र से बिलकुल अलग भी दिख सकते हैं! कभी-कभार कुछ भी नज़र नहीं आता। यदि आपको कोई षंका है, तो डॉक्टर के पास या क्लीनिक जाएं।

जेनिटल वार्ट्स की जांच कैसे कराएं?

आपका डाक्टर आपकी जांच कर बता सकता है कि आपको जेनिटल वार्ट्स हुए हैं कि नहीं।
अक्सर जेनिटल वार्ट्स जानलेवा नहीं होते हैं। कभी-कभार आपके डाक्टर अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए ऊतक (टिशू) का सैम्पल (बायोप्सी) लेकर इस बात की जांच करने के लिए भेज सकते हैं, कि कहीं कोई गंभीर बात, जैसे गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर आदि तो नहीं है।

जेनिटल वाटर्स से छुटकारा कैसे पाएं?

शरीर के किसी और भाग पर हुए मस्से या दाने की तरह ही जेनिटल वाटर्स भी बिना कोई इलाज किए अपने-आप खत्म हो जाते हैं। आम तौर पर इसमें दो वर्ष तक लग सकते हैं। इसलिए यदि इन मस्सों से आपको कोई परेशानी नहीं होती है तो आप उनके खत्म होने का इंतज़ार कर सकते हैं।
यदि वे अपने-आप नहीं खत्म होते हैं, तो उनसे छुटकारा पाने के लिए कुछ इलाज उपलब्ध हैं। हालांकि इन मस्सों को हटाने से उस विषाणु से छुटकारा नहीं मिलता, जिनके कारण ये होते हैं, इसलिए फिर से आपको ये मस्से निकल सकते हैं।

आप जेनिटल वाटर्स को निम्नलिखित तरीकों से हटवा सकते हैं:-

  • स्थानीय रूप से सुन्न कर ऑपरेशन से मस्सों को निकालना
  • हीट ट्रीटमेन्ट से मस्सों को जलाकर हटाना (जिसे एलेक्ट्रोकॉटरी कहा जाता है)
  • तरल नाइट्रोजन से मस्सों को जमाकर हटाना (क्रायोथेरेपी)
  • लेज़र से मस्सों को हटाना
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